‘विवेकानंदजी’ के ‘योगदान’ से नई ‘पीढी’ को ‘प्रेरणा’ लेनी ‘चाहिए’ःअंकुर वर्मा

‘विवेकानंदजी’ के ‘योगदान’ से नई ‘पीढी’ को ‘प्रेरणा’ लेनी ‘चाहिए’ःअंकुर वर्मा

‘विवेकानंदजी’ के ‘योगदान’ से नई ‘पीढी’ को ‘प्रेरणा’ लेनी ‘चाहिए’ःअंकुर वर्मा

बस्ती। भाजपा के वरिष्ठ नेता अंकुर वर्मा के आवास पर स्वामी विवेकानन्द को याद किया गया। अंकुर वर्मा ने कहा कि 39 वर्ष के संक्षिप्त जीवन काल में स्वामी विवेकानंद जो काम कर गए वह आने वाले अनेक शताब्दियों तक युवा वर्ग का मार्गदर्शन करते रहेंगे। 30 वर्ष की आयु में स्वामी विवेकानंद ने शिकागो अमेरिका के विश्व धर्म सम्मेलन में हिंदू धर्म का प्रतिनिधित्व किया और उसे सार्वभौमिक पहचान दिलवाया। उनके योगदान से नई पीढी को प्रेरणा लेनी चाहिये। स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

अंकुर वर्मा ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द ने कहा था कि जो सोचोगे, वही हो जाओगे। यदि तुम खुद को कमजोर सोचते हो, तुम कमजोर हो जाओगे, अगर खुद को ताकतवर सोचते हो, तुम ताकतवर हो जाओगे। उठो, जागो और तब तक नहीं रुको, जब तक लक्ष्य ना प्राप्त हो जाए। स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। कार्यक्रम में मुख्य रूप से दुर्गेश त्रिपाठी, पवन वर्मा, दीपक गौड़, विवेक श्रीवास्तव, सूरज गुप्ता, पार्थ श्रीवास्तव, अर्जुन कन्नौजिया, चिन्टू मिश्रा, रंजीत चौहान, विक्रम चौहान, दुर्गेश चौरसिया, गनेश श्रीवास्तव, अंकुर सिंह, पवन अग्रहरि, आदर्श पाठक, विकास वर्मा, अरून तिवारी, रोहन श्रीवास्तव आदि ने स्वामी विवेकानन्द के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन् किया। 

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