आखिर ‘कब’ तक ‘गन्ना’ घटतौली का ‘शिकार’ होतें रहेगें ‘किसान’?

आखिर ‘कब’ तक ‘गन्ना’ घटतौली का ‘शिकार’ होतें रहेगें ‘किसान’?

आखिर ‘कब’ तक ‘गन्ना’ घटतौली का ‘शिकार’ होतें रहेगें ‘किसान’?

बस्ती। किसान नेता चिल्लाते रह जाते हैं, लेकिन उनकी आवाज सुनने को कौन कहे, दबा दिया जाता। यह लोग धान/गेहूं खरीद में चिल्लाए, खरीफ एवं रबी फसल में खाद के लिए चिल्लाए और अब गन्ना घटतौली सहित अन्य उत्पीड़न को लेकर चिल्ला रहे है। डीएम सहित आयुक्त गन्ना, आयुक्त बस्ती मंडल, जिला गन्ना अधिकारी एवं बांट पाप विधि निरीक्षक

को लिखे पत्र में भाकियू भानु गुट के मंडल प्रवक्ता चंद्रेश प्रताप सिंह ने कहा कि वर्तमान में जनपद बस्ती सहित पूरे पूर्वांचल क्षेत्र में कड़ाके की ठंड एवं शीतलहर का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसी विषम परिस्थितियों में जनपद के विभिन्न बाह्य गन्ना क्रय केंद्रों पर रात-दिन डटे रहने वाले किसान, गन्ना आपूर्ति से जुड़े मजदूर, ट्रैक्टर चालक एवं अन्य कर्मियों को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। गन्ना क्रय केंद्रों पर किसानों को अपनी उपज लेकर कई-कई घंटे, कभी-कभी पूरी रात भी प्रतीक्षा करनी पड़ती है। ठंड से बचाव के लिए अधिकांश केंद्रों पर अलाव अथवा अन्य किसी प्रकार की ताप व्यवस्था नहीं है, जिससे ठिठुरन, बीमारियों और दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। यह स्थिति न केवल अमानवीय है, बल्कि शासन द्वारा निर्धारित श्रमिक एवं जनहित मानकों के भी प्रतिकूल प्रतीत होती है। कहा कि सभी क्रय केंद्रों पर गन्ना खरीद अधिनियम के तहत दंड तुला जंजीर नहीं लगा है। यार्ड रजिस्टर सभी गन्ना क्रय केंद्रों पर उपलब्ध होना चाहिए नहीं है। नल नाद की व्यवस्था भी नगण्य है। मानक के अनुसार बांट होना सूचना पट होना कहीं नहीं दिखता। जबकि जांच अधिकारी ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक सचिव सहित सभी जांच अधिकारी अपने निरीक्षक पुस्तिका में सभी सही दर्शाते हैं जो उनके कदाचार को साबित होता है। जिला कृषि अधिकारी, बांट माप विधि विज्ञान निरीक्षक खंड विकास अधिकारी क्रय केंद्रों का कभी दौड़ा नहीं करते हैं। आनलाइन गन्ना खरीद में किसानों द्वारा भारी घटतौली की शिकायत मिलती रहती है इसका जांच टेक्निकल टीम मजिस्ट्रेट व बांट पाप की कमेटी बनाकर कराया जाए। कहा कि सर्वाधिक शिकायतें बभनान, मसौदा व बजाज हिन्दुस्थान चीनी मिलों द्वारा संचालित क्रय केंद्रों पर है जहां किसानों का भारी घटतौली होता है। चीनी मिलों द्वारा गन्ना खरीद अधिनियम व टैंगिग आदेशों का घोर उलंघन किया जाता है जिस पर प्रशासन सख्त नहीं है। किसानों के साथ अन्याय किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Comments

Leave A Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *