‘सदर’ तहसील में ‘फर्जीवाड़ा’ का ‘बोलबाला’
- Posted By: Tejyug News LIVE
- राज्य
- Updated: 9 January, 2026 19:48
- 73
‘सदर’ तहसील में ‘फर्जीवाड़ा’ का ‘बोलबाला’
बस्ती। चारों तहसीलों में फर्जी मतदाताओं को तलाशने में सबसे अधिक मेहनत सदर के एसडीएम, तहसीलदार और नायक तहसीलदार को करनी पड़ेगी। क्यों कि 60 में 30 यानि आधा फर्जीवाड़ा सदर तहसीलों के ग्राम पंचायतों में हुआ। हर्रैया में 21, भानपुर में पांच और रुधौली में सबसे कम यानि तीन ग्राम पंचायतों के प्रधानों की मंशा धूमिल होने वाली है। जिन-जिन ग्राम पंचायतों में फर्जीवाड़ा का आरोप लगा, वे सभी नामी गिरामी ग्राम पंचायतें हैं, और इन्हीं ग्राम पंचायतों में सबसे अधिक मनरेगा और ग्राम निधि का दुरुपयोग हुआ। इस बार फिर भी लूटने की योजना बनाई हैं, देखिए कितना सफल होते है। मीडिया बार-बार प्रशासन को आगाह करती आ रही है, कि हर बार की तरह इस बार भी फर्जी वोटर्स बनाए जा रहें हैं, और जिसका प्रभाव चुनाव में पड़ेगा। डीएम ने मीडिया रिपोर्ट और षिकायतों को तो संज्ञान में लेकर जांच करने के आदेश भी दिए हैं, उम्मीद की जा रही है, परिणाम सार्थक होगें। जिन तहसीलों के ग्राम पंचायतों में फर्जी मतदाता बनाने की शिकायतें मिली, उनमें सदर तहसील के बनकटी ब्लॉक के ग्राम खोरिया, भौरा, महथा, बीहुआ, चक मुबारकपुर उर्फ घुघसा, चोलखरी, कराहपिठिया एवं नेवारी। कुदरहा ब्लॉक के ग्राम पंचायत माझाकला, पिरपाती एहतमाली, मिश्रौलिया, चकिया एवं तुरकौलिया। बहादुरपुर के ग्राम नरायनपुर, बेनीपुर, हथिया प्रथम, भोयर, अरवापुर, पिपराखास यह ग्राम पंचायत जिले के प्रधान संघ के नकली अध्यक्ष का है, मीतनजोत, नगहरा एवं कम्हरिया-2। बस्ती सदर के ग्राम बेलहरा, चंदोखा, रेवली, संडा एवं चिलवनिया यह वही ग्राम पंचायत हैं, जहां के फर्जी मतदाता का मामला हाईकोर्ट पहुंचा था, तत्कालीन डीएम अनिल दमेले को व्यक्तिगत प्रस्तुत होना पड़ा था, और तत्कालीन एसडीएम राम प्रसाद निलंबित होते-होते बचे, बीएलओ और सुपरवाइजर को बर्खास्त होना पड़ा, साउंघाट के ग्राम लखनौरा, हड़िया एवं बिल्लौर। हर्रैया तहसील के हर्रैया ब्लॉक के ग्राम भरकरी एवं महादेवा। दुबौलिया के ग्राम चकोही, बगही, मरवटिया, रानीपुर, रानीपुर लाद, सेमरा, आराजीडूही धर्मपुर मुस्तकहम, सर्रैया बक्षी, खुशहालगंज, साड़पुर एवं लक्ष्मनपुर। विक्रमजोत के ग्राम इमलिया, डड़हा मिश्र, रिखीपुर, तालागांव एवं बस्थनवा। गौर के ग्राम धंधरिया एवं इमिलिया। परसरामपुर के ग्राम इटवा एवं डुहवा पांडेय। भानपुर तहसील के रामनगर ब्लॉक के ग्राम धौरहरा, अमारीडीहा एवं बड़ौगी। सल्टौआ ब्लॉक के ग्राम आमा द्वितीय एवं तेनुआ और रुधौली तहसील के रुधौली ब्लॉक के ग्राम पंचायत हनुमानगंज एवं रौहनिया। नामी गिरामी और चर्चित ग्राम पंचायतों का नाम पढ़कर आप लोगों को खुद पता चल गया होगा, यह ग्राम पंचायतें क्यों इतना हर चुनाव में फर्जी मतदाता को लेकर चर्चित रही है। जिले के लगभग 60 से 70 फीसद प्रधान और बीडीसी का चुनाव फर्जी वोटर्स के सहारे ही अभी तक जीतते आ रहे है। क्यों कि मलाई तो इन्हीं दोनों पदों में है। प्रधान बन गए तो चांदी ही चांदी, बीडीसी बन गए, प्रमुख की कुर्सी पर बैठने का चांजेस अधिक रहता है। हो सकता है, कि इस कुछ लोगों का प्रधान और प्रमुख बनने का सपना अधूरा रह जाए। चंद लोग अपने लाभ के लिए पूरी चुनावी प्रकिया को ही दूषित करते आ रहे है।

Comments