एक्यूप्रेशर’ एक ‘सरल’, ‘सुरक्षित’ और ‘प्राकृतिक’ उपचार ‘पद्धति’ःडा. नवीन

एक्यूप्रेशर’ एक ‘सरल’, ‘सुरक्षित’ और ‘प्राकृतिक’ उपचार ‘पद्धति’ःडा. नवीन

एक्यूप्रेशर’ एक ‘सरल’, ‘सुरक्षित’ और ‘प्राकृतिक’ उपचार ‘पद्धति’ःडा. नवीन

बस्ती। संकल्प योग वैलनेस सेंटर, बस्ती के योगाचार्य डॉ. नवीन सिंह का कहना है, कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव, अनियमित दिनचर्या और गलत खानपान के कारण लोग अनेक शारीरिक एवं मानसिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में एक्यूप्रेशर जैसी प्राचीन प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति आज फिर से लोगों के बीच लोकप्रिय हो रही है। एक्यूप्रेशर में शरीर के विशिष्ट बिंदुओं पर उंगलियों या हल्के दबाव के माध्यम से उपचार किया जाता है, जिससे शरीर की ऊर्जा का संतुलन बना रहता है और रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। एक्यूप्रेशर तनाव कम करने में अत्यंत प्रभावी भूमिका निभाता है। नियमित रूप से सही बिंदुओं पर दबाव देने से मानसिक तनाव, चिंता और बेचौनी में कमी आती है, जिससे व्यक्ति मानसिक रूप से अधिक शांत और संतुलित महसूस करता है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में यह पद्धति मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध हो रही है। डॉ. नवीन सिंह के अनुसार एक्यूप्रेशर दर्द से राहत दिलाने में भी उपयोगी है। सिरदर्द, माइग्रेन, गर्दन दर्द, कमर दर्द और जोड़ों के दर्द जैसी समस्याओं में यह बिना दवा के आराम प्रदान करता है। इसके अलावा यह पाचन तंत्र को मजबूत करने में मदद करता है। कब्ज, गैस, अपच और पेट दर्द जैसी समस्याओं में नियमित एक्यूप्रेशर लाभकारी माना जाता है। एक्यूप्रेशर से शरीर की ऊर्जा का प्रवाह बेहतर होता है, जिससे थकान कम होती है और कार्यक्षमता में वृद्धि होती है। यह नींद की गुणवत्ता को भी सुधारता है। जिन लोगों को अनिद्रा या बार-बार नींद टूटने की समस्या रहती है, उन्हें एक्यूप्रेशर से विशेष लाभ मिल सकता है। इसके साथ ही यह प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है, जिससे शरीर बीमारियों से लड़ने में अधिक सक्षम बनता है। मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी एक्यूप्रेशर की भूमिका महत्वपूर्ण है। अवसाद, घबराहट और नकारात्मक सोच जैसे लक्षणों को कम करने में यह सहायक होता है। हालांकि, डॉ. नवीन सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि एक्यूप्रेशर एक पूरक चिकित्सा पद्धति है और गंभीर रोगों में चिकित्सकीय परामर्श के साथ ही इसका प्रयोग करना चाहिए। कुल मिलाकर एक्यूप्रेशर एक सरल, सुरक्षित और प्राकृतिक उपचार पद्धति है, जिसे अपनाकर स्वस्थ और संतुलित जीवन की दिशा में कदम बढ़ाया जा सकता है।

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