‘भाजपा’ की ‘नीति’ और ‘नियत’ में ‘खोट’ःडा. आलोक रंजन
- Posted By: Tejyug News LIVE
- राज्य
- Updated: 22 December, 2025 20:39
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‘भाजपा’ की ‘नीति’ और ‘नियत’ में ‘खोट’ःडा. आलोक रंजन
- -नाम बदलने की राजनीति बंद करे भाजपाःविश्वनाथ चौधरी
बस्ती। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डा. आलोक रंजन ने कहा कि भाजपा की नीति और नियत में खोट है, समय आने पर जनता इसका करारा जबाब देगी। यह सरकार जान बूझकर महापुरूषों का नाम बदलने मंें लगी है और गरीबों, मजदूरों का हक मारा जा रहा है जिससे पूंजीपतियों को लाभ पहुंचे। मनरेगा की नयी योजना मजदूर विरोधी है। कांग्रेस इस सवाल को जनता तक लेकर जा रही है। कांग्रेस अध्यक्ष विश्वनाथ चौधरी ने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार केवल नाम बदलने और आर्थिक संसाधनों को अपने चहेते पूंजीपतियों के हाथ बेंचने का काम कर रही है। इन्हें महात्मा गांधी के नाम से नफरत है वरना मनरेगा का नाम बदलने की क्या जरूरत थी। वह दिन दूर नहीं जब भाजपा भारत के नोटांें पर से भी महात्मा गांधी का नाम बदल देगी। कहां कि अच्छा हो कि गरीबो के लिये वरदान साबित हो रही मनरेगा को पुनः सरकार लागू करे। कांग्रेस के डा. वाहिद अली सिद्दीकी, संदीप श्रीवास्तव, गिरजेश पाल, शौकत अली नन्हू, अनिल भारती, साधूसरन आर्य आदि ने कहा कि केन्द्र सरकार ने केवल नाम ही नहीं बदला है मोदी सरकार ने काम के अधिकार की गारंटी वाले इस कानून को बदलकर उसमें शर्तें और केंद्र का नियंत्रण बढ़ा दिया है जो कि राज्यों और मजदूरों दोनों के खिलाफ है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार काम को रोककर मजदूरों को निजी खेतों में मजदूरी के लिए धकेलना कल्याण नहीं बल्कि सरकार द्वारा मजदूरों की सप्लाई है जो उनसे उनकी आय, उनकी इच्छा और सम्मान सब छीनती है. असल में नई स्कीम का मतलब केंद्र सरकार का कंट्रोल है। अब राज्यों को खर्च के लिए मजबूर किया जाएगा। मजदूरों के अधिकारों को कम करके उस पर शर्त लगा दिया जाएगा, हर बार की तरह इस बार भी यह कानून गरीब विरोधी है। कांग्रेस इन सवालों को लेकर गांव-गांव जन जागरण अभियान चलायेगी।
कांग्रेस नेताओं ने सोमवार को मनरेगा का नाम बदलकर विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (वीबीजीआरएमजी) किए जाने के विरोध में कांग्रेस अध्यक्ष विश्वनाथ चौधरी के नेतृत्व में महात्मागांधी प्रतिमा के समक्ष प्रदर्शन किया। मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में आयोजित विरोध प्रदर्शन में महिला कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मी यादव, राम धीरज चौधरी, प्रताप नारायण मिश्र, अमर बहादुर शुक्ल‘ तप्पे बाबा’, अनूप पाठक, राहुल चौधरी, लालजीत पहलवान, रविन्द्र सिंह राजन, राम बचन भारती, अतीउल्ला सिद्दीकी, सलाहुद्दीन, दुर्गेश चौधरी, मनीष दूबे, जमील अहमद कादरी, अशरफ अली, आनन्द निषाद, सर्वेश शुक्ल, गुड्डू सोनकर, सोमनाथ संत, राम बहादुर सिंह, वृजभान कन्नौजिया, राम पूरन चौधरी, विजय कुमार, विश्वजीत, डीएन शास्त्री, साधू पाण्डेय, राम प्रीत दुसाद, राजेन्द्र गुप्ता, जगदीश शर्मा के कांग्रेस के अनेक नेता शामिल रहे।

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