अपनी ‘आदतों’ से ‘बाज’ नहीं आ ‘रहे’ं, ‘सिंकदरपुर’ के ‘चौकी इंचार्ज’!

अपनी ‘आदतों’ से ‘बाज’ नहीं आ ‘रहे’ं, ‘सिंकदरपुर’ के ‘चौकी इंचार्ज’!

अपनी ‘आदतों’ से ‘बाज’ नहीं आ ‘रहे’ं, ‘सिंकदरपुर’ के ‘चौकी इंचार्ज’!

बस्ती। चौकी इंचार्ज साहब लोग अपने घर की महिलाओं की तो खूब इज्जत करते, लेकिन न जाने क्यों अन्य महिलाओं की इज्जत नहीं करते? शायद ऐसे चौकी इंचार्ज साहब लोगों को यह नहीं मालूम कि घर की महिलाओं की इज्जत करना कोई नहीं देखता, लेकिन अगर अन्य महिलाओं को अपमानित करेगें तो उसे पूरा समाज देखेगा। वर्दी की छवि के साथ सरकार की भी छवि खराब होती है। बार-बार सवाल उठ रहा है, कि आखिर क्यों पुलिस पर अपराधियों और बदमाशो को सम्मान देने और पीड़ित लोगों को अपमान करने का आरोप लगता है? यह षिकायत अधिकतर चौकी इंचार्ज से लेकर एसओ और सिपाहियों पर लगता है। अब यह भी सवाल उठ रहा है, कि आखिर अधिकारी वर्ग के लोग कब तक छवि बनाते रहेगें? क्या छवि बनाने की जिम्मेदारी सिर्फ अधिकारियों की ही हैं, एसओ और चौकी इंचार्ज लोगों की नहीं है?इसी तरह का एक मामला दो साल बाद सिंकदरपुर के चौकी इ्रचार्ज का सामने आया।  राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग ओबीसी मोर्चा के मण्डल उपाध्यक्ष एवं जिला प्रभारी राम सुमेर यादव ने पुलिस अधीक्षक को पत्र और मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, मण्डलायुक्त, डीआईजी को रजिस्टर्ड पत्र भेजकर परसुरामपुर थाने के सिकन्दरपुर चौकी इन्चार्ज के पद पर तैनात उमेश चन्द्र वर्मा के कारगुजारियों की प्रभावी जांच कराकर जनहित में स्थानान्तरण कराये जाने की मांग किया है। भेजे पत्र में राम सुमेर यादव ने कहा है कि उमेश चंद्र वर्मा चौकी इंचार्ज सिकन्दरपुर द्वारा विभिन्न प्रकार के अवैध कार्य कर पैसे की वसूली की जा रही है। जब थाना प्रभारी से उसकी शिकायत की गई तो उनके द्वारा कोई भी कार्रवाई नहीं किया गया। लगभग दो वर्ष पहले भी चौकी इंचार्ज उमेश चंद्र वर्मा जो कि इंचार्ज सिकंदरपुर बनाए गए थे उस समय भी इनके कार्यकाल में जुआ जैसे तमाम अवैध कार्य कर पैसे की वसूली की जाती थी। चौकी इंचार्ज उमेश चंद्र वर्मा शाम को शराब पीकर सबको उल्टी सीधी गाली देते हैं। कोई फरियादी अगर आ जाता है तो उसे भद्दी-भद्दी गालियां देकर अपमानित करते हैं। इसके पहले यह चौकी इंचार्ज रोडवेज थे तब भी अपने अधिकारी से लड़कर यह लाइन हाजिर हो गए थे, जिसकी जांच अभी तक चल रही है। इनका 15 दिन का वेतन भी काटा गया है। इनके द्वारा बार-बार फोन करके सिकंदरपुर तथा हैदराबाद की कई लड़कियों तथा औरतों को परेशान किया जाता है। पत्र में कहा गया है कि उनकी पोस्टिंग इसके पहले 2023 में जब यह चौकी इंचार्ज सिकंदरपुर रह चुके हैं, तो दोबारा यह चौकी प्रभारी कैसे हुए हैं? उस समय भी इनका शिकायत पर ही स्थानांतरण हुआ था। इनको तत्काल प्रभाव से चौकी सिकंदरपुर से हटाया जाए। चौकी इंचार्ज उमेश चंद्र वर्मा क्षेत्र मंेे पुलिस की छवि धूमिल कर रहे हैं और इससे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा भी धूमिल हो रही है। इनके व्यवहार से क्षेत्र की जनता काफी त्रस्त्र है। इनका स्थानान्तरण कराया जाय। 

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