आखिर’ कब मिलेगा ‘ग्रापए’ को ‘सुरक्षा’, कब होगी ‘रक्षा’

आखिर’ कब मिलेगा ‘ग्रापए’ को ‘सुरक्षा’, कब होगी ‘रक्षा’

आखिर’ कब मिलेगा ‘ग्रापए’ को ‘सुरक्षा’, कब होगी ‘रक्षा’

बस्ती। बार-बार सवाल उठ रहा है, कि आखिर ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के सदस्यों को कब सुरक्षा मिलेगी और कब तक यह लोग डर के साए में पत्रकारिता करते रहेंगे। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र सिंह एवं जिलाध्यक्ष अवधेश कुमार त्रिपाठी के निर्देशन के क्रम में एवं तहसील अध्यक्ष रुधौली अरुण कुमार मिश्र के नेतृत्व में सोमवार को तहसील इकाई रुधौली द्वारा  पत्रकारों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर स्थानीय विधायक राजेंद्र प्रसाद चौधरी (रुधौली विधानसभा क्षेत्र-309) के रोडवेज के बगल स्थित उनके आवास पर मुलाकात की गई। संगठन ने विधायक के माध्यम से उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें ग्रामीण पत्रकारों के हितों की रक्षा और उन्हें सुविधाएं प्रदान करने की मांग की गई।ज्ञापन सौंपते हुए संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण पत्रकार अत्यंत कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं, लेकिन उन्हें सरकार और प्रशासन की तरफ से कोई विशेष सुविधा नहीं मिलती है। संगठन ने मांग की है कि पत्रकारों को सुरक्षा, स्वास्थ्य और सम्मानजनक कार्य वातावरण प्रदान किया जाए। ज्ञापन में शामिल प्रमुख 7 मांगें तहसील स्तर पर मान्यतारू सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी 2004 के शासनादेश को संशोधित कर, सभी दैनिक समाचार पत्रों के तहसील स्तरीय संवाददाताओं को मान्यता प्रदान की जाए। सुरक्षा समिति में भागीदारीरू पत्रकार उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने के लिए जिला और तहसील स्तर पर गठित स्थाई समिति की नियमित बैठकें हों और इसमें ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के अध्यक्ष को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया जाए। स्वास्थ्य और यात्रा सुविधारू ग्रामीण पत्रकारों को ‘आयुष्मान कार्ड’ की सुविधा दी जाए और उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों में निरूशुल्क यात्रा की अनुमति प्रदान की जाए। राज्य स्तरीय प्रतिनिधित्वरू प्रदेश स्तर पर गठित पत्रकार मान्यता समिति और विज्ञापन मान्यता समिति में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के दो प्रतिनिधियों को सदस्य बनाया जाए। लखनऊ में कार्यालय राजधानी लखनऊ के दारुलशफा में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के कार्यालय हेतु निरूशुल्क भवन उपलब्ध कराया जाए, पत्रकार आयोग का गठनरू ग्रामीण पत्रकारों की समस्याओं के अध्ययन और समाधान के लिए एक ‘ग्रामीण पत्रकार आयोग’ का गठन किया जाए। फर्जी मुकदमों पर रोकरू कवरेज के दौरान विवाद होने पर पत्रकारों के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज करने से पहले किसी राजपत्रित अधिकारी से जांच कराई जाए। विधायक राजेंद्र प्रसाद चौधरी ने पत्रकारों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि वे इन मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे और सदन में भी पत्रकारों की आवाज उठाएंगे। इस अवसर पर ज्ञापन सौंपने के दौरान मुख्य रूप से डॉ. एस.के. सिंह (संरक्षक) डॉ. परशुराम वर्मा (जिला संगठन मंत्री), तहसील अध्यक्ष अरुण कुमार मिश्र, संतोष कसौधन, गुंजेश्वर सिंह, राजन चौधरी (महामंत्री), अनूप बरनवाल, असलम सादा, योगेश्वर त्यागी, शंकर यादव, नीरज और रमेश चंद सहित संगठन के कई अन्य पदाधिकारी व पत्रकार मौजूद रहे।

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