एक मिनट में चल जाएगा कैंसर का पता, IIT कानपुर ने तैयार किया ये कमाल का डिवाइस

एक मिनट में चल जाएगा कैंसर का पता, IIT कानपुर ने तैयार किया ये कमाल का डिवाइस

Cancer Test:

एक मिनट में चल जाएगा कैंसर का पता, IIT कानपुर ने तैयार किया ये कमाल का डिवाइस

ब्रश की साइज की एक ऐसी डिवाइस तैयार की गई है, जो एक मिनट में माउथ कैंसर का पता लगा सकती है. इसी साल दिसंबर तक यह डिवाइस मार्केट में आ सकती है. इसे आईआईटी कानपुर ने बनाया है. इसकी सटीकता 90% तक है.

Cancer Screening Device : अब सिर्फ एक मिनट में ही पता चल जाएगा कैंसर है या नहीं. IIT कानपुर ने ऐसी कमाल की डिवाइस तैयार की है, जो 60 सेकेंड के अंदर ही रिपोर्ट देगी. यह डिवाइस केवल माउथ कैंसर (Mouth Cancer) का पता लगाने के लिए है. डिवाइस मुंह के अंदर की तस्वीर लेकर उसका एनालिसिस करेगी और तुरंत रिपोर्ट बता देगी.

इस डिवाइस से यह भी पता चल जाएगा कि कैंसर किस स्टेज में है. इस डिवाइस को केमिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रो. जयंत कुमार सिंह की मदद से स्कैन जिनी कंपनी ने बनाया है. इसी साल दिसंबर तक यह मार्केट में आ सकती है. चलिए जानते हैं यह डिवाइस कितनी कारगर हो सकती है, इसकी कीमत कितनी होगी...

3 हजार लोगों का ट्रायल

इस डिवाइस को प्रो. जयंत कुमार सिंह और उनकी टीम ने 6 साल में तैयार किया है. यह पोर्टेबल डिवाइस है, जिसे छोटे से बैग में रखकर कही में ले जा सकते हैं. कानपुर में कई जगहों पर कैंप लगाकर करीब 3 हजार लोगों पर इसका ट्रायल भी किया गया है. इस डिवाइस से 22 साल तक के युवाओं में कैंसर का पता चला है. टेस्टिंग में फैक्टरी में काम करने वाले मजदूर, प्राइवेट जॉब करने वाले भी शामिल रहे.

कैसे काम करती है डिवाइस

प्रो. जयंत ने बताया कि डिवाइस की साइज एक टूथब्रेश जितनी है. इसमें हाई क्वालिटी कैमरा और LED लग है. इसे स्मार्टफोन, टैबलेट या आईपैड से भी कनेक्ट किया जा सकता है. कैमरा मुंह के अंदर की तस्वीर लेने के बाद डिटेल में रिपोर्ट मोबाइल पर भेज देगा. ये पावर बैकअप के साथ ट्रैकिंग के लिए हेल्थ हिस्ट्री जमा करती रहती है. इसका रिजल्ट 90% सटीकता वाला है और इसकी जांच में किसी तरह का दर्द भी नहीं होता है.

कैंसर का पता लगाने वाली डिवाइस की कीमत

प्रो. जयंत ने बताया कि माउथ कैंसर का पता लगाने वाली इस डिवाइस की कीमत 1.5 लाख से लेकर 2 लाख रुपए तक होगी. इसमें लगने वाले कई सामान विदेशों से इंपोर्ट किए जाने हैं, इस वजह से इसकी कीमत ज्यादा है. एक डिवाइस से कम से कम 5 लाख लोगों की जांच की जा सकती है. एक दिन में करीब 300 लोगों का टेस्ट किया जा सकता है. इस डिवाइस के मार्केट में आने से मेडिकल सेक्टर में बड़ी क्रांति आ सकती है.

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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