‘बैदोलिया’ की प्रधान ‘ममता पांडेय’ का पावर ‘सीज’
- Posted By: Tejyug News LIVE
- क्राइम
- Updated: 21 December, 2025 03:12
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‘बैदोलिया’ की प्रधान ‘ममता पांडेय’ का पावर ‘सीज’
-ग्राम पंचायत सचिव वीरेंद्र कुमार और तकनीकी सहायक राम लाल पर भी गिरी गाज
बस्ती। जिस ब्लॉक का संचालन नकली प्रमुख करेगें, उस ब्लॉक में भ्रष्टाचार होना लाजिमी है। बात हम गौर ब्लॉक की कर रहे हैं, इस ब्लॉक को भ्रष्टाचार की आग में झांेकने वाले और कोई नहीं बल्कि असली महिला प्रमुख के नकली पति जटाशंकर शुक्ल है। पहले इन पर अपनी पत्नी को प्रमुख बनाने के लिए पर्चा दाखिला के समय पूर्व ब्लॉक प्रमुख महेश सिंह की बहु को अपमानित करने और मारपीट करने का आरोप लगा, हालांकि स्थानीय न्यायालय के द्वारा इन्हें बरी किया जा चुका है। उसके बाद इन पर ब्लॉक का संचालन करने और भ्रष्टाचार का आरोप लगा। आरोपों की ठीक से और ईमानदारी से जांच नहीं हुई, वरना आज कहानी कुछ और होती। नकली प्रमुख के नक्षेकदम पर लगभग सभी असली/नकली प्रधान, तकनीकी सहायक और सचिव भी चल पड़े। इसी कड़ी में ग्राम बैदोलिया भारीनाथ की प्रधान ममता पांडेय, ग्राम पंचायत अधिकारी वीरेंद्र कुमार और तकनीकी सहायक रामलाल भी चल पड़े, इन सभी ने मिलकर मनरेगा में फर्जीवाड़ा किया, जिसके चलते डीएम ने प्रधान का पावर सीज करते हुए सचिव और तकनीकी सहायक के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया। जिस तरह इन तीनों ने मिलकर मेढ़बंदी के नाम पर 8.31 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा किया, उससे पता चलता है, िकइस ब्लॉक में मनरेगा में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया, चूंकि इस ब्लॉक पर और इसके नकली प्रमुख पर पूर्व सांसद का आर्षीवाद मिलना बताया जाता है, इस लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जितने भी जांच ईमानदारी से की गई, उसमें बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार सामने आया। इनके पहले इसी तरह के अनेक कार्रवाई हो चुकी है। कहा जाता है, कि अगर किसी भी ब्लॉक में भ्रष्टाचार होता है, तो उसकी जिम्मेदारी बीडीओ के साथ-साथ असली/नकली प्रमुखों की भी मानी जाती है। क्यों कि बखरा तो सभी लोग लेते है।
बैदोलिया निवासी दलसिंगार पुत्र राजाराम की शिकायत पर लेखा परीक्षा अधिकारी सहकारी समितियां एवं नलकूप विभाग के एई की संयुक्त टीम ने मौके पर जाकर स्थलीय एवं भौतिक और अभिलेखीय सत्यापन 28 अगस्त 25 को किया गया। रामबुझारत के कच्चे सात बीघा जमीन में मेड़बंदी दिखाकर 80500 रुपया लूटा गया। मौके पर कोई मेंड़बंदी करना नहीं मिला। इसी तरह नेबूलाल, राम दयाल एवं रीता के खेत का मेड़बंदी दिखा कर लाखों रुपया लूटा गया। इस तरह तीनों ने मिलकर विभिन्न गांव वालों के खेत की फर्जी मेड़बंदी दिखाकर 8.31 लाख के धन का बंदरबांट किया। यह फर्जी मेड़बंदी 2022-23 में किया गया, जिसकी जांच दो साल बाद हुई।

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